Tuesday, July 13, 2010

जीते रहे

मंजिल को सफ़र पे लाते रहे
दर्द के सहारे खुशियों को जीते रहे

तेरी ज़िन्दगी पलकों पे जीते रहे
धडकनों में हम मरते रहे

अशोक "नाम"

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